राम रसायन तुम्हरे पासा। सदा रहो रघुपति के दासा॥ और मनोरथ जो कोई लावै। सोइ अमित जीवन फ़ल पावै॥ तुम्हरो मन्त्र विभीषन माना। लंकेश्वर भये सब जग जाना॥ प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया। राम लखन सीता मन बसिया॥ Festive Celebrations: We rejoice the auspicious events of Navratri and various https://ricardovwula.arwebo.com/46397155/chalisa-no-further-a-mystery